मीम और वीडियो क्लिप पर लड़ा जा रहा है दिल्ली चुनाव

Updated: Jan 25, 2020

सोशल मीडिया चुनावों को प्रभावित करता है इसका अंदाज़ा हमें 2019 के आम चुनावों से पता चलता है जिसमें रिपोर्ट के मुताबिक 543 लोकसभा सीटों में से 150 से अधिक सीटों पर सोशल मीडिया ने जनता को प्रभावित किया था

शिवेंद्र तिवारी


आने वाली 8 फरवरी को दिल्ली दरबार के लिए सियासी हाज़िरी दर्ज होनी है। जी हाँ दरबार की जनता अपना फ़ैसला इसी दिन EVM की पेटी में डाल देगी। इसके तीन दिन बाद यानी 11 फरवरी को फ़ैसला-ए-अंजाम होगा कि आख़िर दिल्ली दरबार में राज कौन करेगा।


दिल्ली के सियासी रण में इस बार रंग जम कर भरे हुए हैं क्योंकि सियासी दल जितना ज़मीन पर अपनी अपनी हाँक रहे हैं उतना ही सोशल मीडिया पर भी। और तीनों मुख्य दावेदार- आप, भाजपा व कांग्रेस एक दूसरे से बाजी मार रहे हैं।


दरअसल दिल्ली चुनाव में तीनों पार्टियों की सोशल मीडिया में मजेदार तंज कसते हुए मीम शेयर किए जा रहे हैं। कोई वीडियो तो कोई फिल्मों के डायलॉग तो कोई स्कूप। और सोशल मीडिया वाला ये प्रचार सोशल मीडिया के यूजर्स को काफ़ी भा रहा है।


जैसा कि सोशल मीडिया चुनावों को प्रभावित करता है इसका अंदाज़ा हमें 2019 के आम चुनावों से पता चलता है जिसमें रिपोर्ट के मुताबिक 543 लोकसभा सीटों में से 150 से अधिक सीटों पर सोशल मीडिया ख़ासकर फेसबुक व ट्विटर व्हाट्सएप ने जनता को प्रभावित किया था।


ज़ाहिर है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में इसका जबरदस्त इस्तेमाल किया जा रहा है। और इस चुनाव में एक भारतीय सोशल मीडिया वीडियो एप का भी ख़ासा इस्तेमाल किया जा रहा है।

ये ऐप है शेयरचैट जोकि भारतीय है और जनवरी 2015 में लांच किया गया था। ये ऐप भारतीय भाषाओं में वीडियो बनाने के लिए करोड़ों लोगों की पसंद बना हुआ है। इस एप के अकेले हिंदी भाषा में 100 मिलियन से ज्यादा वीडियो 2019 में बनाए गए। टिकटॉक की धाक तो पहले से ही जमी हुई है।


दिल्ली चुनाव में टिकटॉक, शेयरचैट के अलावा ट्विटर, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया साइटों का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि इस दौरान कुछ साम्प्रदायिक पोस्ट भी किए गए जिसमें भाजपा नेता कपिल मिश्रा को चुनाव आयोग नें नोटिस भेजा था। वहीं आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर दिल्ली भाजपा मुखिया मनोज तिवारी की भोजपुरी फ़िल्म की क्लिप काटकर उनका स्कूप बनाया। जिसपर मनोज तिवारी ने चुनाव आयोग का रुख अपनाते हुए 500 करोड़ का मानहानि का दावा भी आप पार्टी पर ठोक दिया।


इधर मीम के मामले में आप IT सेल ने 1993 की ब्लॉकबस्टर फ़िल्म बाजीगर की एक सीन को शाहरुख खान को CM केजरीवाल, कॉजोल को दिल्ली तो सिद्धार्थ रॉय को भाजपा बनाकर दिखाया। इस मीम में भाजपा यानी सिद्धार्थ रॉय को शाहरुख यानी केजरीवाल को देखकर परेशान होने को दिखाया गया जबकि काजोल यानी दिल्ली की जनता को खुश दिखाया गया।


वहीं भाजपा IT सेल नें केजरीवाल को स्कूप के रूप में 'पाप की अदालत' में बिठाकर वीडियो बनाया जिसका चैनल का नाम इंडिया TV से मिलता जुलता बिंदिया TV वहीं रजत शर्मा के शो आप की अदालत से मिलता जुलता शो पाप की अदालत में कठघरे में दिल्ली CM केजरीवाल को बैठाया।


आमआदमी पार्टी के IT सेल ने केजरीवाल को सरकार की उपलब्धियों गिनाने के लिए मशहूर कार्टून कैरेक्टर सुपर मारियो बनाकर दिखाया। एक दूसरे स्कूप में अंबुजा सीमेंट के लोकप्रिय टाइटल को "केजरीवाल टूटेगा कैसे, सच्चाई व ईमानदारी से जो बना है" के रूप में दिखाया गया। तो भला भाजपा कहाँ खाली बैठने वाली थी भाजपा नें अंबुजा सीमेंट के उस टाइटल को इस तरह दिखाया, "राष्ट्रवाद की दीवार टूटेगी कैसे, 130 करोड़ भारतीयों के राष्ट्रवाद से जो बनी है"।


तो इस तरह से दिल्ली चुनाव में तीनों IT सेल मीम के जरिए सोशल मीडिया पर लगे रहो मेहरवान के साथ दर्शकों को मजे दिला रही हैं। हालांकि गम्भीरता के पैमाने पर कौन बेस्ट एक्टर साबित होता है वो 11 फरवरी को ही मालूम होगा।


(लेखक दिल्ली विश्वविद्यालय के देल्ही स्कूल ऑफ जर्नलिज्म में पत्रकारिता तृतीय वर्ष के विद्यार्थी हैं और उदीयमान स्तंभकार हैं)

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